मंगलवार, 22 सितंबर 2009

दियासलाई

आदमी की ईजादों में
दुर्लभतम् ईजाद है दियासलाई
वह भक् से जलती है उजाले में
और हो जाती है ओझल

आदमी कब सीखेगा जीना
क्षण की त्वरा में

1 टिप्पणी:

  1. दुर्लभतम् ईजाद है दियासलाई
    duniya ka sbase bada avishkar"aag ko apne kabu me karna"hi tha, sochana padta hai jab suraj ke alava urja ka koi susra sadhan nahi tha to manav ki jindgi kitni dushvar thi, aapne ek bahut hi achchhe pahlu ko chhuaa hai,badhai

    उत्तर देंहटाएं